12.4% OFF

हिंदी साहित्य की भूमिका – हजारीप्रसाद द्विवेदी

Original price was: Rs.250.00.Current price is: Rs.219.00.

हज़ारीप्रसाद द्विवेदी की सूक्ष्म दृष्टि, तथ्यात्मक गहराई और सरल भाषा मिलकर हिंदी साहित्य के विविध कालों—सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई परिवर्तनों के बीच—एक समृद्ध यात्रा का अनुभव कराते हैं। प्रत्येक अध्याय में वे कवियों, कथा-संकलकों और आलोचकों को जीवंत करते हुए उस युग की संवेदनाओं और संघर्षों को फिर से उकेरते हैं। क्लासिक रचनाओं से लेकर लोकधारा की कहानियों और नाटकों तक, लेखन की प्रवृत्तियों में आए उतार-चढ़ाव की विवेचना करते समय द्विवेदीजी कािको दृष्टण सुकुमार और बोधगम्य दोनों है। नई पीढ़ी के पाठकों के लिए भी यह परिचय-पुस्तिका सहज-सुलभ है, वहीं विद्वानों को इसकी शोधपूर्ण टिप्‍पणियाँ और तुलनात्मक अध्ययन भी आकर्षित करेंगे। हिंदी साहित्य की इस बेजोड़ भूमिका में गहराई से उतरकर आप पाएँगे कि कैसे शब्दों ने समाज को प्रतिबिंबित किया, उसकी चेतना को आकार दिया और अंततः हमारी सांस्कृतिक धरोहर को अमर किया।

Description

  • PUBLISHER:  राजकमल प्रकाशन
  • Writter: हजारीप्रसाद द्विवेदी
  • Language ‏ : Hindi
  • pages: 245
  • Format:  Hard Copy
  • Seller: https://guptabookcentre.co.in/
  • Delivery: Through Indian Postal Services

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “हिंदी साहित्य की भूमिका – हजारीप्रसाद द्विवेदी”

Your email address will not be published. Required fields are marked *