Description
- PUBLISHER: COSMOS Publications
- Writter:- महेश कुमार बर्णवाल,
- Language : Hindi
- Pages: 344
- ISBN: 9788190817530
- Format: Hard Copy
- Seller: https://guptabookcentre.co.in/
- Delivery: Through Indian Postal Services
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नवीनतम 2025-संस्करण में ‘भारत का भूगोल’ पाठ्यक्रम की जटिलता को सरल बनाकर पेश करता है: कक्षा VI से XII तक हर चैप्टर का संक्षिप्त लेकिन बिंदुवार सार, रंगीन मानचित्र, चार्ट और डायग्राम की मदद से समझने में सहज और याद रखने में टिकाऊ। महेश कुमार बर्णवाल की आंखों से अन्वेषित यह कृति NCERT की मूल पुस्तक के साथ हर महत्वपूर्ण तथ्य, परिभाषा और प्राचीन—आधुनिक भूगोलिक परिवर्तनों को एक जगह समेटे हुए है।
अध्ययन को दिशा देने के लिए हर खंड के अंत में रिविजन पॉइंट्स, मल्टीपल चॉइस व फॉल्स/ट्रू प्रश्नों की श्रृंखला तथा परीक्षा के दृष्टिकोण से तैयार हल उदाहरण विद्यमान। हैं बोर्ड चाहे परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षाएँ, विषय की गहन समझ का आधार रखने वाले इस संकलन से छात्र आत्मविश्वास व पकड़ दोनों मजबूत कर सकते हैं।
समग्रता और सटीकता का अनूठा मेल प्रस्तुत इस ग्र मेंंथ न केवल मौलिक पाठ्यक्रम शामिल है, बल्कि आगामी भूगोलिक आंकड़ों, नीतियों और घटनाओं के समावेश से भी अपडेटेड रहे—जिससे हर विद्यार्थी के लिए पढ़ाई हो अधिक असरदार और परिणाम-केंद्रित।
बर्फ़ की चादर ओढ़े हिमालय की गोद में बिखरे अद्भुत गाँवों की गाथाएँ, देव के काँटेदार जंगलों में गूँजती लोककथाएँ और हिमाचली तालाबों में प्रतिबिंबित आसमान—‘अलौकिक हिमाचल प्रदेश: The Wonderland Himachal Pradesh Volume-2’ आपको उस रहस्यमय दुनिया में ले जाता है जहाँ हर घाटी अपनी कहानी सुनाती है। यहाँ की चाय बगान की ताज़गी से लेकर कठोर पर्वतीय दरारों में उभरते साहसिक ट्रेल्स तक, हर पन्ना जीवन के नए अनुभवों से भरपूर है। बसंत के रंगों से लिपटी घाटियाँ, अनछुए शिवालय और वादियों में गुम होती प्राचीन धरोहरें—सबके बीच झरने मंद-मंद स्वर में गीत गाते प्रतीत होते हैं। कथा, कविता और इतिहास की कोमल लय में रची यह पुस्तक हिमाचल की आत्मा की राह तलाशती है, जहाँ प्रकृति और संस्कृति का मिलन आपको चकित कर देगा।
– Mystical and supernatural landscapes of Himachal Pradesh – Himalayan ecology and biodiversity – Local folklore, legends, and supernatural tales – Spiritual traditions, pilgrimage routes, and sacred sites – Cultural heritage, tribal customs, and traditional lifestyles – Adventure tourism, trekking trails, and mountaineering – Eco-tourism, conservation, and sustainable development – Scenic beauty: valleys, rivers, glaciers, and mountain vistas – Festivals, handicrafts, and regional cuisine

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