study book
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आधुनिक साहित्य की प्रवृतियाँ – नामवर सिंह
Original price was: Rs.199.00.Rs.175.00Current price is: Rs.175.00.Buy Nowनामवर सिंह की तीक्ष्ण दृष्टि और गहन चिंतन से प्रवाहित यह संकलन आधुनिक हिंदी साहित्य के विविध आयाम को उजागर करता है। छायावाद की मधुर कल्पनाओं से लेकर सामाजिक यथार्थ की कटु सच्चाई तक, प्रत्येक लेख पाठक को समय की प्रगतिशील लहरों में ले जाकर साहित्य के नए आयामों से परिचित कराता है। स्वतंत्रता-उत्तर भारतीय कविता में जन्मी पीड़ा और उत्साह, नाटकीय प्रयोगों की नई राहें, आलोचना के युवा स्वर – हर प्रवृत्ति के स्रोत, इतिहास और प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण यहाँ मिल जाएगा। करीब पाँच दशकों के आलोचनात्मक अनुभव का यह संग्रह हिंदी के उन खोजी पाठकों के लिए मार्गदर्शक बनता है, जो शब्दों के भीतर गहरे छिपी सामाजिक-दर्शनात्मक तहों को समझना चाहते हैं।
• प्रवर्तनवादी (प्रोग्रेसिव) आंदोलन
• नई कविता (आज़ाद छंद, यथार्थवाद, संश्लेषण)
• आधुनिक कहानी और उपन का विकास
• रंगमंचीय प्रयोग और आधुनिक नाटक
• प्रतीकवाद, अतियथार्थवाद, अस्तित्ववाद
• स्वतंत्रता–पूर्व और पश्चात् सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव
• संरचनावाद, मार्क्सवादी एवं उत्तरनिवासन्त्रिक आलोचना
• दलित साहित्य और स्त्रीवादी विमर्श
• भाषा, शैली एवं संस्कृतिकरण के नवाचार
• आधुनिक साहित्य के भावी रुझान
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आधुनिक हिन्दी आलोचना के बीज शब्द – बच्चन सिंह
Original price was: Rs.295.00.Rs.250.00Current price is: Rs.250.00.Buy Nowबच्चन सिंह की ‘आधुनिक हिन्दी आलोचना के बीज शब्द’ हिन्दी साहित्यिक विमर्श का एक अनूठा कोश है, जिसमें हर प्रविष्टि समकालीन आलोचना के मूलभूत सिधान्तो और तकनीकों को सजीव कर देती है। संरचना, शैली, पाठकीय प्रतिक्रिया, सांस्कृतिक संदर्भ—इन बीज शब्दों के माध्यम से पाठकों को मिलता एक है सटीकेम फ्रवर्क, जो हिंदी साहित्य की गहराइयों में उतरकर रचनात्मक विश्लेषण की नई दिशा खोलता है। साहित्य प्रेमी, यह ग्रंथ बुनियादी अवधारणाओं से लेकर जटिल त-र्कप्रणियोंाल तक की यात्रा को सहज, सशक्त और दूरामीग बनाता है।
• आधुनिक हिंदी आलोचना का इतिहास और विकास
• केंद्रीय आलोचनात्मक सिद्धांत एवं विचारधाराएँ
• महत्वपूर्ण आलोचनात्मक शब्दों की परिभाषाएँ
• साहित्यिक विधाओं (काव्य, कथा, उपन्यास, नाटक) पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
• भाषा, रूप एवं संरचना का विश्लेषण
• समाज, संस्कृति एवं ऐतिहासिक संदर्भ में साहित्य का अध्ययन
• समकालीन आलोचकों एवं उनकी प्रवृत्तियों का अवलोकन
• आलोचना एवं सृजनशीलता के पारस्परिक संबंध
• आलोचनात्मक विधियों का अनुप्रयोग एवं सीमाएँ
• हिंदी आलोचना में नव प्रवृत्तियाँ एवं संभावनाएँ
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कविता के नए प्रतिमान – नामवर सिंह
Original price was: Rs.195.00.Rs.170.00Current price is: Rs.170.00.Buy Nowकविता के नए प्रतिमान में नामवर ने सिंह भारतीय काव्यरचना को नई दिशा दी है—यह केवल पाठ्य-पुस्तक नहीं, बल्कि सोच के आयामों का विस्तार करने वाली एक लंबी खोज है। यहां परंपरा और प्रयोग की सीमाएं धुंधली होती दिखती हैं: शास्त्रीय छंद-रचनाओं का संतुलन आधुनिक अभिव्यक्ति की उग्र लय से मिलाकर एक अनूठी काव्यधारा रची गई है।
प्रत्येक अध्याय में भाषा और भाव की सटीक तहखोली प्रस्तुत की गई है—क्योंकि कवि जब शब्दों के पार जाकर मन से जुड़ता है, तभी कविता अपना सबल प्रभाव छोड़ती है।नामवर सिंह ने देश-विदेश के विभिन्न काव्यपरिदृश्यों और आलोचनाओं का विश्लेषण कर, पाठक को यह समझने में मदद की है कि कैसे एक नई पीढ़ी ने खुद की पहचान बनाने के लिए काव्य के आयाम पुनर्परिभाषित किए।
इस पुस्तक में न सिर्फ तकनीकी पक्ष का विवेचन है, बल्कि उसकी सामाजिक-राजनीतिक जेंड़ भी उजागर की गई हैं। परिणामस्वरूप पाठक नये प्रश्न उठाते हुए अपने भीतर से बोलतीिताओं कव का अनुभव करने लगता है। साहित्याचार्यों, कवि-मित्रों और हर उस रुचिवान पाठक के लिए यह एक प्रेरक मार्गदर्शिका है, जो शब्दों के भीतर छिपी नई संभावनाओं को महसूस करना चाहता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – दृष्टि
Original price was: Rs.390.00.Rs.330.00Current price is: Rs.330.00.Buy Nowबाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र की इस पुस्तक में आप पाएँगे ज्ञान और अनुभव का समग्र संगम, जो शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को मानवीय विकास की गहरायी समझ प्रदान करता है। प्रत्येक अध्याय में समाविष्ट हैं:
• विकासात्मक सिद्धांतों की ताजातरीन व्याख्या, जहां पियाजे और वाइगॉट्सकी से लेकर समकालीन न्यूरो-साइकोलॉजी तक के आयामों को सहज भाषा में पेश किया गया है
• प्रात्यक्षिक गतिविधियाँ और परियोजनाएँ, जो कक्षा में और घर पर बच्चे के मासूम मन को प्रेरित कर संपूर्ण विकास को पोषण देती हैं
• केस स्टडीज और वास्तविक जीवन के उदाहरण, जो छात्र मनोविज्ञान एवं शैक्षिक रणनीतियों के बीच के पुल को मजबूती से स्थापित करते हैं
• मूल्यांकन उपकरण, आत्म–मूल्यांकन प्रश्न एवं शिक्षक–निर्देश, जिससे पाठ्यक्रम की तैयारी आसान और प्रभावी बन जाती है
• समावेशी शिक्षा, बहुसांस्कृतिक संवेदनशीलता तथा डिजिटल युग में शिक्षण के नवीन दृष्टिकोण पर विशेष विवेचना
“बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – दृष्टि” गहन शोध, सरल भाषा और व्यावहारिक टिप्स का एक ऐसा खजाना है जो शिक्षाकर्मियों को आत्मविश्वास से परिपूर्ण करेगा और बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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भारत का भूगोल – NCERT सार कक्षा VI-XII सहित ( 2025 – Edition ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.499.00.Rs.399.00Current price is: Rs.399.00.Buy Nowनवीनतम 2025-संस्करण में ‘भारत का भूगोल’ पाठ्यक्रम की जटिलता को सरल बनाकर पेश करता है: कक्षा VI से XII तक हर चैप्टर का संक्षिप्त लेकिन बिंदुवार सार, रंगीन मानचित्र, चार्ट और डायग्राम की मदद से समझने में सहज और याद रखने में टिकाऊ। महेश कुमार बर्णवाल की आंखों से अन्वेषित यह कृति NCERT की मूल पुस्तक के साथ हर महत्वपूर्ण तथ्य, परिभाषा और प्राचीन—आधुनिक भूगोलिक परिवर्तनों को एक जगह समेटे हुए है।
अध्ययन को दिशा देने के लिए हर खंड के अंत में रिविजन पॉइंट्स, मल्टीपल चॉइस व फॉल्स/ट्रू प्रश्नों की श्रृंखला तथा परीक्षा के दृष्टिकोण से तैयार हल उदाहरण विद्यमान। हैं बोर्ड चाहे परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षाएँ, विषय की गहन समझ का आधार रखने वाले इस संकलन से छात्र आत्मविश्वास व पकड़ दोनों मजबूत कर सकते हैं।
समग्रता और सटीकता का अनूठा मेल प्रस्तुत इस ग्र मेंंथ न केवल मौलिक पाठ्यक्रम शामिल है, बल्कि आगामी भूगोलिक आंकड़ों, नीतियों और घटनाओं के समावेश से भी अपडेटेड रहे—जिससे हर विद्यार्थी के लिए पढ़ाई हो अधिक असरदार और परिणाम-केंद्रित।
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भारतीय अर्थव्यवस्था (आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 और बज़ट 2022-23 का विस्तृत विश्लेषण ) -संजीव वर्मा
Original price was: Rs.399.00.Rs.340.00Current price is: Rs.340.00.Buy Nowआर्थिक सर्वक्षण 2021-22 के आंकड़ों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए, लेखक ने बजट 2022-23 की घोषणाओं के पीछे चल रही नीतिगत तर्क औरित संभाव प्रभावों को सहज तरीके से उजागर किया है। प्रत्येक अध्याय में आंकड़ों का विस्तृत मूल्यांकन, चार्ट और उदाहरणों के जरिए समझ की आसान कुंजी प्रदान करता है:
• प्रमुख आर्थिक संकेतकों में उभरते रुझान और उनकी व्यावहार मायिकने
• राजकोषीय प्रोत्साहन एवं खर्च की प्राथमिकताओं का विश्लेषण
• नीतिगत फैसलों के व्यावसायिक, सामाजिक व क्षेत्रीय असर
• भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सुझाए गए व्यावहारिक उपाय
चाहे आप अर्थशास्त्र के विद्यार्थी हों, नीतिनिर्मता या कारोबारी जगत से जुड़े, यह पुस्तक आपको डेटा के जटिल जाल सहज में मार्गदर्शन दे औरगी देश की ग आर्थिकतिकी को नयी दृष्टि से देखने का अवसर करेगी प्रदान।
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भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था – NCERT सार कक्षा VI-XII सहित ( 2025 – Edition ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.499.00.Rs.399.00Current price is: Rs.399.00.Buy Nowइस संकलन में आधुनिक दृष्टिकोण से भारतीय संविधान के हर पहलू को सरल, सटीक और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है। कक्षा VI से XII तक के NCERT पाठ्यक्रम का विस्तृत सारांश पाठकों को संविधान की मूलधाराओं, मौलिक अधिकारों, नीति निर्देशक सिद्धांतों और संघ-राज्य संबंधों की गहन समझ से जोड़ता है। महेश कुमार बर्णवाल की विशेषज्ञता से रचित यह संस्करण 2025 के नवीनतम संशोधनों को सम्मिलित कर आधुनिक शासनव्यवस्था की झलक देता है। व्यावहारिक उदाहरणों,्ट चार और्स महत्वपूर्ण सवालों की सहायता से परीक्षा-तैयारी को प्रभावी एवं आत्मविश्वासपूर्ण बनाया गया है। चाहे छात्र हों या सामान्य ज्ञान के उत्साही पाठक, यह पुस्तक संविधान की जटिलताओं को सहज भाषा में उजागर करते हुए शिक्षण प्रक्रिया को रोचक और लाभप्रद बनाती है।
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शिक्षा मनोविज्ञान ( बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.425.00.Rs.340.00Current price is: Rs.340.00.Buy Nowशिक्षा मनोविज्ञान (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र) – महेश कुमार बर्णवाल
बचपन से किशोरावस्था तक बालकों के मनोवैज्ञानिक विकास की गहराइयों में उतरने वाले इस ग्रंथ में प्रासंगिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है। प्रत्येक अध्याय में अधिगम की प्रक्रिया, प्रेरणा के स्रोत और व्यवहारिक परिवर्तन का वैज्ञानिक विश्लेषण मिलता है।
व्यावहारिक उदाहरणों एवं समस्या-समाधान दृष्टिकोण से सुसज्जित यह पुस्तक शिक्षाशास्त्र के विद्यार्थियों, अध्यापकों और अभिभावकों के लिए एक अनमोल मार्गदर्शक है। बाल मनोविज्ञान के प्रमुख विचारकों के तत्त्वों को समेकित करते हुए लेखक ने शिक्षण-शैली, मूल्यांकन तकनीक और विविध शिक्षण परिदृश्यों को भी समाविष्ट किया है।
अंत्य में दी गई केस स्टडीज से पाठक न केवल सिद्धांतों को महसूस कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपने शैक्षिक परिवेश में उतारने के लिए व्यावहारिक उपकरण भी प्राप्त होंगे। यह पुस्तक शिक्षा के प्रति नए दृष्टिकोण और गहराई से समझने की चाबी है।
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सामान्य ज्ञान – NCERT सार कक्षा VI-XII सहित ( 3rd Edition ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.499.00.Rs.399.00Current price is: Rs.399.00.Buy Nowक्या आप सामान्य ज्ञान की दुनिया में पुख्ता आधार बनाना चाहते हैं? “सामान्य ज्ञान – NCERT सार कक्षा VI–XII सहित” (तीसरा संस्करण) में महेश कुमार बर्णवाल ने कक्षा VI से XII तक की NCERT पुस्तकें बिन्दुवार, संकलित और सहज भाषा में प्रस्तुत की हैं।
प्रत्येक विषय—इतिहास, भूगोल, विज्ञान, राजनीति, अर्थव्यवस्था—का त्वरित अवलोकन और महत्वपूर्ण तथ्य आपको परीक्षाओं गत कीिमान तैयारियों में एक कदम आगे ले जाएंगे। सरणीबद्ध नोट्स, स्पष्ट चार्ट्स और प्रमुख तिथियों-परिभाषाओं का सहज संदर्भ किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की चुनौती न सेिपटने में आपकी उम्मीदों को आकार देता है।
ये पुस्तक न सिर्फ अवधारणाओं को मज़बूती से समझाती है, बल्कि रुझानों और प्रश्नों के स्वरूप को ध्यान में रखकर आलोचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करती है।
अब पूरे NCERT पाठ्यक्रम का सारांश आपके हाथों में—किसी भी परीक्षा के लिए, किसी भी स्तर पर, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
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सार संग्रह – NCERT कक्षा VI-XII सहित ( 2025 Edition ) one liner – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.540.00.Rs.380.00Current price is: Rs.380.00.Buy Nowसार संग्रह – NCERT VI–XII (2025 संस्करण) महेश कुमार बर्णवाल विश्वसनीय विषयवार संक्षेप जो पाठ्यपुस्तकों की गहराई में झांकते हुए हर महत्वपूर्ण अवधारणा को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। दिन-भर की पढ़ाई के बाद भी समय अभाव हो, तो यह संकलन कम समय में भी आपको परीक्षात्मक दृष्टि से तैयार कर देगा।
• अद्यतन पाठ्यक्रम अनुरूप 2025 संस्करण
• प्रत्येक कक्षा और विषय के लिए स्पष्ट एवं बिंदुवार व्याख्याएं
• महत्वपूर्ण बिंदुओं, सूत्रों व परिभाषाओं का सहज स्मरण
• तेज़ रिवीजन के लिए डायग्राम, चार्ट और आवृत्ति आधारित प्रश्नों का समावेश
• परीक्षाओं में उच्च अंक सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन
जब तैयारी में रफ्तार चाहिए और समझ में गहराई, ‘सार संग्रह’ हर कक्षा के पाठ्यक्रम का अविभाज्य सहयोगी साबित होगा।उदाहरण और प्रश्नोत्तर अनुभाग से सिद्धांतों को व्यवहारिक समझ में परिवर्तित करें और तैयार रहें आत्मविश्वास के साथ मूल्यांकन के लिए। कॉन्सेप्ट क्लियरिटी के लिए आसान भाषा, रंगीन आरेखन और मस्तिष्क-मैप्स आपकी पढ़ाई को बना देंगी और भी प्रभावी। समय की कमी हो या फिर अंतिम घंटों की तैयारी, ‘सार संग्रह’ आपके साथ हर कदम पर योजना-वार मार्गदर्शन करता है।
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हिंदी आलोचना (अद्यतन एवं परिवर्धित संस्करण ) – विश्वनाथ त्रिपाठी
Original price was: Rs.250.00.Rs.210.00Current price is: Rs.210.00.Buy Nowविश्वनाथ त्रिपाठी का अद्यतन एवं परिवर्धित “हिंदी आलोचना” आपको संस्कृत से लेकर समकाल प्रवीनृत्तियों तक की संपोषित विवेचना में ले जाता है। इस संस्करण में शामिल हैं:
• गौरवमय इतिहासः आरंभिक रस-वैचारिक परंपराओं से लेकर आधुनिक विमर्श तक की निरंतरता और परिवर्तन
• आलोचनात्मक विधियों का विस्तारः संरचनावाद, नवआलोचना, मैक्सवादी, नारीवादी, पोस्टकोलोनियल और पोस्टमॉडर्न दृष्टिकोण
• समृद्ध उदाहरण एवं ग्रंथपरिचर्चा: प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन और आज के प्रमुख आलोचकों की गहरी पड़ताल
• नवीन संवर्धनः डिजिटल मीडिया, फिल्म-समीक्षा, जनसंपर्क और सोशल नेटवर्क के संदर्भ में हिंदी आलोचना के नए आयाम
• सुधारित पुस्तक-सूची एवं संदर्भ सामग्री: शोधार्थियों, शिक्षकों और साहित्यिक उत्साहीों के लिए अनिवार्य मार्गदर्शन
इस संपूर्ण ग्रंथ में त्रिपाठी की स्पष्ट भाषा, सुव्यवस्थित प्रस्तुति और समसामयिक दृष्टिकोण मिलकर हिंदी आलोचना को न सिर्फ समझाने बल्कि उसे नया दृष्टिकोण देने का कार्य करते हैं। चाहे आप पाठ्यक्रम में इस विषय को अपना रहे हों, शोध कर रहे हों या साहित्य स्नेही हों—यह संस्करण आपको आलोचनात्मक पारंपरिकता से मुक्त होकर नए विचारकों के क्षितिज तक ले जाएगा।
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हिंदी भाषा डॉ हरदेव बाहरी
Original price was: Rs.170.00.Rs.145.00Current price is: Rs.145.00.Buy Nowइस पुस्तक में हिंदी भाषा का समृद्ध इतिहास, सहज व्याकरण और विविध प्रयोग एक ही बुनाई में बुना गया है। आदिकालीन लोकगीतों से लेकर आधुनिक साहित्य के उर्दू-फ़ारसी-साहित्यिक रस, सब कुछ ऐसी रोचक व्याख्या में प्रस्तुत है कि पढ़ते ही शब्दों की मिठास और ताकत महसूस होती है। • व्यावहार उदाहरणिकों से समझने में सुगमता • प्राचीन शिलालेखों और समकालनीन लेख का सुंदर समनय • अभ्यास प्रश्न एवं रचनात्मक लेखन गतिविधियाँ हर अध्याय में सामने आता है हिंदी का वह रूप, जो दिल को छू लेने वाले संवाद, साहित्यिक गहराई और आत्मविश्वास से भर देता है। चाहे आप विद्यार्थी हों, शिक्षक या भाषा-प्रेमी—यह पुस्तक आपके शब्दकोश को समृद्ध करने और के भाषा रंग मूलों को आत्मसात् करने का मार्गदर्शक बनेगी।














