Exam Preparation book
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हिंदी आलोचना (अद्यतन एवं परिवर्धित संस्करण ) – विश्वनाथ त्रिपाठी
Original price was: Rs.250.00.Rs.210.00Current price is: Rs.210.00.Buy Nowविश्वनाथ त्रिपाठी का अद्यतन एवं परिवर्धित “हिंदी आलोचना” आपको संस्कृत से लेकर समकाल प्रवीनृत्तियों तक की संपोषित विवेचना में ले जाता है। इस संस्करण में शामिल हैं:
• गौरवमय इतिहासः आरंभिक रस-वैचारिक परंपराओं से लेकर आधुनिक विमर्श तक की निरंतरता और परिवर्तन
• आलोचनात्मक विधियों का विस्तारः संरचनावाद, नवआलोचना, मैक्सवादी, नारीवादी, पोस्टकोलोनियल और पोस्टमॉडर्न दृष्टिकोण
• समृद्ध उदाहरण एवं ग्रंथपरिचर्चा: प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन और आज के प्रमुख आलोचकों की गहरी पड़ताल
• नवीन संवर्धनः डिजिटल मीडिया, फिल्म-समीक्षा, जनसंपर्क और सोशल नेटवर्क के संदर्भ में हिंदी आलोचना के नए आयाम
• सुधारित पुस्तक-सूची एवं संदर्भ सामग्री: शोधार्थियों, शिक्षकों और साहित्यिक उत्साहीों के लिए अनिवार्य मार्गदर्शन
इस संपूर्ण ग्रंथ में त्रिपाठी की स्पष्ट भाषा, सुव्यवस्थित प्रस्तुति और समसामयिक दृष्टिकोण मिलकर हिंदी आलोचना को न सिर्फ समझाने बल्कि उसे नया दृष्टिकोण देने का कार्य करते हैं। चाहे आप पाठ्यक्रम में इस विषय को अपना रहे हों, शोध कर रहे हों या साहित्य स्नेही हों—यह संस्करण आपको आलोचनात्मक पारंपरिकता से मुक्त होकर नए विचारकों के क्षितिज तक ले जाएगा।
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हिंदी भाषा डॉ हरदेव बाहरी
Original price was: Rs.170.00.Rs.145.00Current price is: Rs.145.00.Buy Nowइस पुस्तक में हिंदी भाषा का समृद्ध इतिहास, सहज व्याकरण और विविध प्रयोग एक ही बुनाई में बुना गया है। आदिकालीन लोकगीतों से लेकर आधुनिक साहित्य के उर्दू-फ़ारसी-साहित्यिक रस, सब कुछ ऐसी रोचक व्याख्या में प्रस्तुत है कि पढ़ते ही शब्दों की मिठास और ताकत महसूस होती है। • व्यावहार उदाहरणिकों से समझने में सुगमता • प्राचीन शिलालेखों और समकालनीन लेख का सुंदर समनय • अभ्यास प्रश्न एवं रचनात्मक लेखन गतिविधियाँ हर अध्याय में सामने आता है हिंदी का वह रूप, जो दिल को छू लेने वाले संवाद, साहित्यिक गहराई और आत्मविश्वास से भर देता है। चाहे आप विद्यार्थी हों, शिक्षक या भाषा-प्रेमी—यह पुस्तक आपके शब्दकोश को समृद्ध करने और के भाषा रंग मूलों को आत्मसात् करने का मार्गदर्शक बनेगी।
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हिंदी भाषा का इतिहास – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.395.00.Rs.335.00Current price is: Rs.335.00.Buy Now—भोलानाथ तिवारी की यह पुस्तक हमें ले जाती है उन कालखंडों में, जब भाषा नए रूप-रंग धारण कर रही थी। शिलालेखों, सूफी काव्यों और राजकीय दस्तावेज़ों की गुत्थियों को सुलझाते हुए, लेखक ने दिखाया है कैसे विभिन्न संस्कृतियाँ, साहित्यिक आंदोलनों और सामाजिक बदलावों ने हिंदी के स्वरूप को आकार दिया। हर अध्याय में छिपे हैं रोमांचक प्रसंग: कबीर-रैदास की बिंबात्मक भाषा, रीतिकालीन रचनाओं में निहित भाव, फिर स्वतंत्रता संग्राम में उभरती जागृति की अभिवक्ति्य साथ। पढ़ हीें आधुनिक उपन्यास, नाटक और फिल्मी संवादों में हिंदी के स्वर—कैसे ये शब्दों की दुनिया को और समृद्ध बनाते हैं। व्यापक शोध पर आधारित, पर प्रवाह में बेहद सुरम्य यह इतिहास-चित्रण आपको ले जाएगा पांडुलिपियों से डिजिटल युग तक, विस्तार से दिखाता है कि भाषा कैसे समाज का आईना बनती है। विविध मानचित्र, वर्तनी-सारिणियाँ और उपादानों के साथ हर पाठक अपनी जिज्ञासा के अनुरूप नए पहलू तलाश सकेगा। एक ऐसी रिचार्जिंग खोज, जो न केवल भाषाई विद्यार्थी बल्कि सामजिक-सांस्क अनृतिकेष्वकों को भी रोमांचित कर देगी।
• विकास ऐतिहास: प्राक, अपभ्र से आधुनिक हिंदी तक
• क्षेत्रीयभाषाएँ: ब्र, अवधी, खड़ी बोली, भोजपुरी, मगही आदि
• लिपि अवतरण: देवनागरी लिपि का उद्भव और रूपांतरण
• साहित्यिक कालक्रम: भक्ति आंदोलन, रीतिकाल, छायावाद, आधुनिक युग
• भाषाई संरचना: ध्वनिविज्ञान, शब्दरचना, व्याकरणीय परिवर्तन
• संपर्क एवं प्रभाव: संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेज़ी प्रभाव
• मानकीकरण और राष्ट्रभाषा: राजभाषा नीति, भाषा संस्थाएँ
• आधुनिक प्रसार: शिक्षा, मीडिया, डिजिटल माध्यमों में हिंदी
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हिंदी भाषा की संरचना – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.225.00.Rs.195.00Current price is: Rs.195.00.Buy Nowक्या है वह रहस्य जो हिन्दी को उसकी विशिष्ट लय और सौंदर्य देता है? “हिन्दी भाषा की संरचना” में भोलानाथ तिवारी उद्घाटित करते हैं:
• शब्दों के जन्म से लेकर वाक्यों की उड़ान तक: वर्णमाला, स्वर–व्यंजन, मान्यता–निर्धारण और शब्द-रचना का सरल, वैज्ञानिक विवेचन
• वाक्य-योजना की सभी परतें: संधि, समास, उपसर्ग–प्रत्यय, भाव–क्रिया संरचना और व्यक्तित्व की बारीकियां
• रोज़मर्रा के सवालों के व्यावहारिक समाधान: पाठ-उदाहरण, अभ्यास श्रेणियाँ और स्व-परीक्षण
• शिक्षकों, छात्रों और भाषा-प्रेमियों के लिए अमूल्य गाइड: जटिल सिद्धांतों को सहज व मार्मिक बनाता एक ऐसा संसाधन
हिन्दी की गूँज को समझने और आत्मसात करने का यह संपूर्ण मार्गदर्शक, शब्दों के परे एक संस्कृति की उपस्थिति महसूस कराता है।
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हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास – बच्चन सिंह
Original price was: Rs.400.00.Rs.340.00Current price is: Rs.340.00.Buy Now“हिन्दी साहित्य का दूसरा” इतिहास अठारवा संस्करण विस्तृत एकृतकाल और समीन पुनावलरनोक करता प्रस्तुत है। प्राचीन पत्थरों लेख से लेकर आधुनिक डिजिटल विमर्श तक, हर युग के साहित्यिक संग्राहों, रचनाकारों और उनके सामाजिकराज-नीतिक परिवेश का सूक्ष्मण इस विश्लेष ग्रंथ को विश बनिष्टाता है न।यी खोजें, ताजाचन आलोात्मक दृष्टिकोण और समृद्ध संदर्भ-सचूियाँ पाठक को इतिहास की जीवंत दास्तान में बाँधती हैं। विद्यार्थ,ियोंकर्ताओं शोध साहित्य औरप्रेमियों के मार्ग लिएर्श औरकदण प्रेरास्रोत यह संस्करण हिन्दी साहित्य विकास के सम्प कीूर्ण झाँकी पेश करता है।







