Exam Preparation book
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सामान्य ज्ञान – ( NCERT Based ) – Tarun Goyal
Original price was: Rs.310.00.Rs.248.00Current price is: Rs.248.00.Buy Nowसामान्य ज्ञान की दुनिया में हर विषय को तार्किक क्रम मेंने और याद रखने में आपकी सहायक साथी, Tarun Goyal की यह पुस्तक NCERT के स्पष्ट ढांचे पर आधारित है। इतिहास से लेकर भूगोल, विज्ञान से लेकर समसामयिक घटनाओं तक, हर अध्याय संक्षिप्त शीर्षकों, महत्वपूर्ण बिंदुओं और त्वरित तथ्यों के साथ निर्धारित किया गया है। हर अध्याय के अंत में दिए गए पुष्टिकरण प्रश्न आपकी तैयारी को और धारदार बनाते हैं, जबकि सरल भाषा और साफ़स-ुथरी व्याख्या से जटिल अवधारणाएँ भी आसानी से तक़यियार हो जाती हैं। परीक्षा-पटु और ज्ञान-वर्धक, यह पुस्तक सामान्य ज्ञान के किसी भी पेपर का आत्मविश्वासपूर्वक सामना करने के लिए आदर्श साथी साबित होगी।
Major• History • Themes Geography • Pol Governance & ity• & Social Development• & • Technology & Ecology Environment • Art Culture &• Affairs Current Key Topics• Ancient Medieval &, Modern India• History World • Social & Physical Economic, Geography• Indian Constitution System • Political & Policy & Public• Economic Concepts & National Economy • Physics Fundamental, Administration Chemistry Basic & Biology • Emerging Technologies •iversity, & Biod Conservation Development Sustainable • Indian Art, Architecture & Literature • International and Develop & Events Nationalments
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सामान्य ज्ञान – NCERT सार कक्षा VI-XII सहित ( 3rd Edition ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.499.00.Rs.399.00Current price is: Rs.399.00.Buy Nowक्या आप सामान्य ज्ञान की दुनिया में पुख्ता आधार बनाना चाहते हैं? “सामान्य ज्ञान – NCERT सार कक्षा VI–XII सहित” (तीसरा संस्करण) में महेश कुमार बर्णवाल ने कक्षा VI से XII तक की NCERT पुस्तकें बिन्दुवार, संकलित और सहज भाषा में प्रस्तुत की हैं।
प्रत्येक विषय—इतिहास, भूगोल, विज्ञान, राजनीति, अर्थव्यवस्था—का त्वरित अवलोकन और महत्वपूर्ण तथ्य आपको परीक्षाओं गत कीिमान तैयारियों में एक कदम आगे ले जाएंगे। सरणीबद्ध नोट्स, स्पष्ट चार्ट्स और प्रमुख तिथियों-परिभाषाओं का सहज संदर्भ किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की चुनौती न सेिपटने में आपकी उम्मीदों को आकार देता है।
ये पुस्तक न सिर्फ अवधारणाओं को मज़बूती से समझाती है, बल्कि रुझानों और प्रश्नों के स्वरूप को ध्यान में रखकर आलोचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करती है।
अब पूरे NCERT पाठ्यक्रम का सारांश आपके हाथों में—किसी भी परीक्षा के लिए, किसी भी स्तर पर, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
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सार संग्रह – NCERT कक्षा VI-XII सहित ( 2025 Edition ) one liner – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.540.00.Rs.380.00Current price is: Rs.380.00.Buy Nowसार संग्रह – NCERT VI–XII (2025 संस्करण) महेश कुमार बर्णवाल विश्वसनीय विषयवार संक्षेप जो पाठ्यपुस्तकों की गहराई में झांकते हुए हर महत्वपूर्ण अवधारणा को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। दिन-भर की पढ़ाई के बाद भी समय अभाव हो, तो यह संकलन कम समय में भी आपको परीक्षात्मक दृष्टि से तैयार कर देगा।
• अद्यतन पाठ्यक्रम अनुरूप 2025 संस्करण
• प्रत्येक कक्षा और विषय के लिए स्पष्ट एवं बिंदुवार व्याख्याएं
• महत्वपूर्ण बिंदुओं, सूत्रों व परिभाषाओं का सहज स्मरण
• तेज़ रिवीजन के लिए डायग्राम, चार्ट और आवृत्ति आधारित प्रश्नों का समावेश
• परीक्षाओं में उच्च अंक सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन
जब तैयारी में रफ्तार चाहिए और समझ में गहराई, ‘सार संग्रह’ हर कक्षा के पाठ्यक्रम का अविभाज्य सहयोगी साबित होगा।उदाहरण और प्रश्नोत्तर अनुभाग से सिद्धांतों को व्यवहारिक समझ में परिवर्तित करें और तैयार रहें आत्मविश्वास के साथ मूल्यांकन के लिए। कॉन्सेप्ट क्लियरिटी के लिए आसान भाषा, रंगीन आरेखन और मस्तिष्क-मैप्स आपकी पढ़ाई को बना देंगी और भी प्रभावी। समय की कमी हो या फिर अंतिम घंटों की तैयारी, ‘सार संग्रह’ आपके साथ हर कदम पर योजना-वार मार्गदर्शन करता है।
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हिंदी आलोचना (अद्यतन एवं परिवर्धित संस्करण ) – विश्वनाथ त्रिपाठी
Original price was: Rs.250.00.Rs.210.00Current price is: Rs.210.00.Buy Nowविश्वनाथ त्रिपाठी का अद्यतन एवं परिवर्धित “हिंदी आलोचना” आपको संस्कृत से लेकर समकाल प्रवीनृत्तियों तक की संपोषित विवेचना में ले जाता है। इस संस्करण में शामिल हैं:
• गौरवमय इतिहासः आरंभिक रस-वैचारिक परंपराओं से लेकर आधुनिक विमर्श तक की निरंतरता और परिवर्तन
• आलोचनात्मक विधियों का विस्तारः संरचनावाद, नवआलोचना, मैक्सवादी, नारीवादी, पोस्टकोलोनियल और पोस्टमॉडर्न दृष्टिकोण
• समृद्ध उदाहरण एवं ग्रंथपरिचर्चा: प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन और आज के प्रमुख आलोचकों की गहरी पड़ताल
• नवीन संवर्धनः डिजिटल मीडिया, फिल्म-समीक्षा, जनसंपर्क और सोशल नेटवर्क के संदर्भ में हिंदी आलोचना के नए आयाम
• सुधारित पुस्तक-सूची एवं संदर्भ सामग्री: शोधार्थियों, शिक्षकों और साहित्यिक उत्साहीों के लिए अनिवार्य मार्गदर्शन
इस संपूर्ण ग्रंथ में त्रिपाठी की स्पष्ट भाषा, सुव्यवस्थित प्रस्तुति और समसामयिक दृष्टिकोण मिलकर हिंदी आलोचना को न सिर्फ समझाने बल्कि उसे नया दृष्टिकोण देने का कार्य करते हैं। चाहे आप पाठ्यक्रम में इस विषय को अपना रहे हों, शोध कर रहे हों या साहित्य स्नेही हों—यह संस्करण आपको आलोचनात्मक पारंपरिकता से मुक्त होकर नए विचारकों के क्षितिज तक ले जाएगा।
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हिंदी भाषा डॉ हरदेव बाहरी
Original price was: Rs.170.00.Rs.145.00Current price is: Rs.145.00.Buy Nowइस पुस्तक में हिंदी भाषा का समृद्ध इतिहास, सहज व्याकरण और विविध प्रयोग एक ही बुनाई में बुना गया है। आदिकालीन लोकगीतों से लेकर आधुनिक साहित्य के उर्दू-फ़ारसी-साहित्यिक रस, सब कुछ ऐसी रोचक व्याख्या में प्रस्तुत है कि पढ़ते ही शब्दों की मिठास और ताकत महसूस होती है। • व्यावहार उदाहरणिकों से समझने में सुगमता • प्राचीन शिलालेखों और समकालनीन लेख का सुंदर समनय • अभ्यास प्रश्न एवं रचनात्मक लेखन गतिविधियाँ हर अध्याय में सामने आता है हिंदी का वह रूप, जो दिल को छू लेने वाले संवाद, साहित्यिक गहराई और आत्मविश्वास से भर देता है। चाहे आप विद्यार्थी हों, शिक्षक या भाषा-प्रेमी—यह पुस्तक आपके शब्दकोश को समृद्ध करने और के भाषा रंग मूलों को आत्मसात् करने का मार्गदर्शक बनेगी।
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हिंदी भाषा का इतिहास – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.395.00.Rs.335.00Current price is: Rs.335.00.Buy Now—भोलानाथ तिवारी की यह पुस्तक हमें ले जाती है उन कालखंडों में, जब भाषा नए रूप-रंग धारण कर रही थी। शिलालेखों, सूफी काव्यों और राजकीय दस्तावेज़ों की गुत्थियों को सुलझाते हुए, लेखक ने दिखाया है कैसे विभिन्न संस्कृतियाँ, साहित्यिक आंदोलनों और सामाजिक बदलावों ने हिंदी के स्वरूप को आकार दिया। हर अध्याय में छिपे हैं रोमांचक प्रसंग: कबीर-रैदास की बिंबात्मक भाषा, रीतिकालीन रचनाओं में निहित भाव, फिर स्वतंत्रता संग्राम में उभरती जागृति की अभिवक्ति्य साथ। पढ़ हीें आधुनिक उपन्यास, नाटक और फिल्मी संवादों में हिंदी के स्वर—कैसे ये शब्दों की दुनिया को और समृद्ध बनाते हैं। व्यापक शोध पर आधारित, पर प्रवाह में बेहद सुरम्य यह इतिहास-चित्रण आपको ले जाएगा पांडुलिपियों से डिजिटल युग तक, विस्तार से दिखाता है कि भाषा कैसे समाज का आईना बनती है। विविध मानचित्र, वर्तनी-सारिणियाँ और उपादानों के साथ हर पाठक अपनी जिज्ञासा के अनुरूप नए पहलू तलाश सकेगा। एक ऐसी रिचार्जिंग खोज, जो न केवल भाषाई विद्यार्थी बल्कि सामजिक-सांस्क अनृतिकेष्वकों को भी रोमांचित कर देगी।
• विकास ऐतिहास: प्राक, अपभ्र से आधुनिक हिंदी तक
• क्षेत्रीयभाषाएँ: ब्र, अवधी, खड़ी बोली, भोजपुरी, मगही आदि
• लिपि अवतरण: देवनागरी लिपि का उद्भव और रूपांतरण
• साहित्यिक कालक्रम: भक्ति आंदोलन, रीतिकाल, छायावाद, आधुनिक युग
• भाषाई संरचना: ध्वनिविज्ञान, शब्दरचना, व्याकरणीय परिवर्तन
• संपर्क एवं प्रभाव: संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेज़ी प्रभाव
• मानकीकरण और राष्ट्रभाषा: राजभाषा नीति, भाषा संस्थाएँ
• आधुनिक प्रसार: शिक्षा, मीडिया, डिजिटल माध्यमों में हिंदी
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हिंदी भाषा की संरचना – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.225.00.Rs.195.00Current price is: Rs.195.00.Buy Nowक्या है वह रहस्य जो हिन्दी को उसकी विशिष्ट लय और सौंदर्य देता है? “हिन्दी भाषा की संरचना” में भोलानाथ तिवारी उद्घाटित करते हैं:
• शब्दों के जन्म से लेकर वाक्यों की उड़ान तक: वर्णमाला, स्वर–व्यंजन, मान्यता–निर्धारण और शब्द-रचना का सरल, वैज्ञानिक विवेचन
• वाक्य-योजना की सभी परतें: संधि, समास, उपसर्ग–प्रत्यय, भाव–क्रिया संरचना और व्यक्तित्व की बारीकियां
• रोज़मर्रा के सवालों के व्यावहारिक समाधान: पाठ-उदाहरण, अभ्यास श्रेणियाँ और स्व-परीक्षण
• शिक्षकों, छात्रों और भाषा-प्रेमियों के लिए अमूल्य गाइड: जटिल सिद्धांतों को सहज व मार्मिक बनाता एक ऐसा संसाधन
हिन्दी की गूँज को समझने और आत्मसात करने का यह संपूर्ण मार्गदर्शक, शब्दों के परे एक संस्कृति की उपस्थिति महसूस कराता है।
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हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास – बच्चन सिंह
Original price was: Rs.400.00.Rs.340.00Current price is: Rs.340.00.Buy Now“हिन्दी साहित्य का दूसरा” इतिहास अठारवा संस्करण विस्तृत एकृतकाल और समीन पुनावलरनोक करता प्रस्तुत है। प्राचीन पत्थरों लेख से लेकर आधुनिक डिजिटल विमर्श तक, हर युग के साहित्यिक संग्राहों, रचनाकारों और उनके सामाजिकराज-नीतिक परिवेश का सूक्ष्मण इस विश्लेष ग्रंथ को विश बनिष्टाता है न।यी खोजें, ताजाचन आलोात्मक दृष्टिकोण और समृद्ध संदर्भ-सचूियाँ पाठक को इतिहास की जीवंत दास्तान में बाँधती हैं। विद्यार्थ,ियोंकर्ताओं शोध साहित्य औरप्रेमियों के मार्ग लिएर्श औरकदण प्रेरास्रोत यह संस्करण हिन्दी साहित्य विकास के सम्प कीूर्ण झाँकी पेश करता है।










