bholanath tiwari
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हिंदी भाषा का इतिहास – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.395.00.Rs.335.00Current price is: Rs.335.00.Buy Now—भोलानाथ तिवारी की यह पुस्तक हमें ले जाती है उन कालखंडों में, जब भाषा नए रूप-रंग धारण कर रही थी। शिलालेखों, सूफी काव्यों और राजकीय दस्तावेज़ों की गुत्थियों को सुलझाते हुए, लेखक ने दिखाया है कैसे विभिन्न संस्कृतियाँ, साहित्यिक आंदोलनों और सामाजिक बदलावों ने हिंदी के स्वरूप को आकार दिया। हर अध्याय में छिपे हैं रोमांचक प्रसंग: कबीर-रैदास की बिंबात्मक भाषा, रीतिकालीन रचनाओं में निहित भाव, फिर स्वतंत्रता संग्राम में उभरती जागृति की अभिवक्ति्य साथ। पढ़ हीें आधुनिक उपन्यास, नाटक और फिल्मी संवादों में हिंदी के स्वर—कैसे ये शब्दों की दुनिया को और समृद्ध बनाते हैं। व्यापक शोध पर आधारित, पर प्रवाह में बेहद सुरम्य यह इतिहास-चित्रण आपको ले जाएगा पांडुलिपियों से डिजिटल युग तक, विस्तार से दिखाता है कि भाषा कैसे समाज का आईना बनती है। विविध मानचित्र, वर्तनी-सारिणियाँ और उपादानों के साथ हर पाठक अपनी जिज्ञासा के अनुरूप नए पहलू तलाश सकेगा। एक ऐसी रिचार्जिंग खोज, जो न केवल भाषाई विद्यार्थी बल्कि सामजिक-सांस्क अनृतिकेष्वकों को भी रोमांचित कर देगी।
• विकास ऐतिहास: प्राक, अपभ्र से आधुनिक हिंदी तक
• क्षेत्रीयभाषाएँ: ब्र, अवधी, खड़ी बोली, भोजपुरी, मगही आदि
• लिपि अवतरण: देवनागरी लिपि का उद्भव और रूपांतरण
• साहित्यिक कालक्रम: भक्ति आंदोलन, रीतिकाल, छायावाद, आधुनिक युग
• भाषाई संरचना: ध्वनिविज्ञान, शब्दरचना, व्याकरणीय परिवर्तन
• संपर्क एवं प्रभाव: संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेज़ी प्रभाव
• मानकीकरण और राष्ट्रभाषा: राजभाषा नीति, भाषा संस्थाएँ
• आधुनिक प्रसार: शिक्षा, मीडिया, डिजिटल माध्यमों में हिंदी
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हिंदी भाषा की संरचना – भोलानाथ तिवारी
Original price was: Rs.225.00.Rs.195.00Current price is: Rs.195.00.Buy Nowक्या है वह रहस्य जो हिन्दी को उसकी विशिष्ट लय और सौंदर्य देता है? “हिन्दी भाषा की संरचना” में भोलानाथ तिवारी उद्घाटित करते हैं:
• शब्दों के जन्म से लेकर वाक्यों की उड़ान तक: वर्णमाला, स्वर–व्यंजन, मान्यता–निर्धारण और शब्द-रचना का सरल, वैज्ञानिक विवेचन
• वाक्य-योजना की सभी परतें: संधि, समास, उपसर्ग–प्रत्यय, भाव–क्रिया संरचना और व्यक्तित्व की बारीकियां
• रोज़मर्रा के सवालों के व्यावहारिक समाधान: पाठ-उदाहरण, अभ्यास श्रेणियाँ और स्व-परीक्षण
• शिक्षकों, छात्रों और भाषा-प्रेमियों के लिए अमूल्य गाइड: जटिल सिद्धांतों को सहज व मार्मिक बनाता एक ऐसा संसाधन
हिन्दी की गूँज को समझने और आत्मसात करने का यह संपूर्ण मार्गदर्शक, शब्दों के परे एक संस्कृति की उपस्थिति महसूस कराता है।




