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व्याकरण भारती (हिंदी भाषा का सर्वोत्तम व्याकरण ) H.G. Publications
Original price was: Rs.384.00.Rs.330.00Current price is: Rs.330.00.Buy Nowव्याकरण भारती’ में मिलती है व्यवस्था-प्रणाली से सजग व्याकरण संरचना, जो पाठकों को सरल उदाहरणों और सुस्पष्ट व्याख्याओं के साथ ले चलती है—शुरुआत से हर अध्याय में आत्मविश्वास भरने तक। प्रत्येक टॉपिक को ठोस अभ्यासों, समकालीन संदर्भों और परीक्षणोन्मुख प्रश्नों के जरिये समझने का अवसर मिलता है। छात्र, शिक्षक, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी—सभी के लिए यह पुस्तक भाषा की जटिलताओं को सहज बनाकर आत्मसात करने में मददगार है। हिंदी व्याकरण के हर सिद्धांत को आत्मसात करना कभी इतना सुगम और रोचक नहीं रहा।
• वर्णमाला: स्वर–व्यंजन, मात्राएँ • शब्दरचना: मूलशब्द, उपसर्ग, प्रत्यय• रूप pariv: लिंग,चन, पुरुष, कारक • संधि नियम • समास के भेद • तद्धित तथा उत्पत्ति–धातु निर्माण • अलंकार एवं छंद • वाक्य रचना: पदविन्यास, अव्ययीभाव, कारक • विराम चिन्ह एवं शुद्धलेखन • हिंदी रचना: अनुच्छेद, निबंध, पत्र लेखन • अभ्यास प्रश्नावली एवं मॉडल परीक्षा प्रश्न
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शिक्षा मनोविज्ञान ( बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र ) – महेश कुमार बर्णवाल
Original price was: Rs.425.00.Rs.340.00Current price is: Rs.340.00.Buy Nowशिक्षा मनोविज्ञान (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र) – महेश कुमार बर्णवाल
बचपन से किशोरावस्था तक बालकों के मनोवैज्ञानिक विकास की गहराइयों में उतरने वाले इस ग्रंथ में प्रासंगिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है। प्रत्येक अध्याय में अधिगम की प्रक्रिया, प्रेरणा के स्रोत और व्यवहारिक परिवर्तन का वैज्ञानिक विश्लेषण मिलता है।
व्यावहारिक उदाहरणों एवं समस्या-समाधान दृष्टिकोण से सुसज्जित यह पुस्तक शिक्षाशास्त्र के विद्यार्थियों, अध्यापकों और अभिभावकों के लिए एक अनमोल मार्गदर्शक है। बाल मनोविज्ञान के प्रमुख विचारकों के तत्त्वों को समेकित करते हुए लेखक ने शिक्षण-शैली, मूल्यांकन तकनीक और विविध शिक्षण परिदृश्यों को भी समाविष्ट किया है।
अंत्य में दी गई केस स्टडीज से पाठक न केवल सिद्धांतों को महसूस कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपने शैक्षिक परिवेश में उतारने के लिए व्यावहारिक उपकरण भी प्राप्त होंगे। यह पुस्तक शिक्षा के प्रति नए दृष्टिकोण और गहराई से समझने की चाबी है।
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श्री मार्तण्ड पंचांगम ( सवंत 2083 ) – वर्ष 2026-2027
Original price was: Rs.155.00.Rs.150.00Current price is: Rs.150.00.Buy Nowश्री मार्तण्ड पंचांगम (सवंत 2083) – वर्ष 2026–27 इस पंचांग में ॠतु-परिवर्तनों से लेकर तिथि, वर्षा, योग-करण, राहु–काल, यमघंटिका तक का त्रुटिरहित विवरण मिलेगा। पारंपरिक गणना पद्धति पर आधारित ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, मंगल, बुध, गुरु आदि ग्रहों के गोचर से जुड़े समस्त सूक्ष्म तथ्य आपके शुभ-अशुभ निर्णयों में सहारा बनेगा। प्रमुख त्योहार, उपवास, व्रत-तिथियों के साथ संवत्, मास, पक्ष की स्पष्ट व्याख्या आपको पारिवारिक आयोजनों, धार्मिक अनुष्ठानों व व्यक्तिगत मुहूर्त चयन में आत्मविश्वास देगी। पाँच पीढ़ियों से विश्वसनीय और ख्याति प्राप्त ‘श्री मार्तण्ड पंचांगम’ जीवन के हर क्षण को समयबद्ध, सार्थक और समृद्ध बनाने का मार्ग दिखाता है।
• तिथियाँ, नक्षत्र, योग,करण
• वार एवं सूर्य‐उदय/अस्त समय
• ग्रहों की गति, संक्रांतियाँ एवं गोचर
• हिंदू त्योहार एवं व्रत कार्यक्रम
• शुभ-अशुभ मुहूर्तों का विवरण
• ग्रहण (सूर्य व चंद्र) की तिथियाँ एवं समय
• पंचाङ्गीय गणना पद्धतियाँ
• धार्मिक विधि-निर्देश एवं अनुष्ठान सूचियाँ
• यात्रानियम (‘यात्रा मुहूर्त’) एवं दैनिक उपासना प्रणाली
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सत्य के प्रयोग आत्मकथा – मोहनदास करमचंद गाँधी
Original price was: Rs.295.00.Rs.250.00Current price is: Rs.250.00.Buy Nowमोहनदास करमचंद गाँधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ आत्मपरक रोशनी और अडिग विश्वास का अनूठा दस्तावेज़ है। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेदी अधिकारों के विरुद्ध पहले संघर्ष से लेकर भारत में अहिंसा-आन्दोलन की ऊँचाइयों तक, यह पुस्तक उस भीतर के परिवर्तन का आभास कराती है जिसने एक साधारण वकील को विश्व-भर के स्वतंत्रता-नायकों के प्रेरणा स्रोत में बदल दिया। गाँधीजी यहां न केवल अपने सार्वजनिक अनुभवों को साझा करते हैं, बल्कि आत्मा के आंतरिक संकल्पों, निरंतर स्व-परिवर्तन और सत्य-पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की गाथा भी कहते हैं। उनके व्यक्तिगत संंघर्ष—परिवार, मित्र, राजनीतिक साथियों तथा समाज के सामने—हमें दिखाते हैं कि कैसे एक अनमोल सिद्धांत, सत्य-अहिंसा, इतने विविध रंगों में धरती पर उतर सकता है। इस किताब के पन्नों में हर पाठक पाएगा संयम का महत्त्व, साहस की प्रेरणा और मानवीयता की सार्वभौमिक भाषा। ‘सत्य के प्रयोग’ एक ऐसे सच्चे अनुभव-योग का निमंत्रण है जो युगों-युगों तक विचारों और कार्यों को दिशा देता रहेगा।
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समग्र वस्तुनिष्ठ समाजशास्त्र – डॉ मोहिंदर कुमार सलारिया
Original price was: Rs.700.00.Rs.560.00Current price is: Rs.560.00.Buy Nowडॉ. मोहिंदर कुमार सलारिया ने गहन शोध, सजीव उदाहरण और सांख्यिकीय विश्लेषण के समन्वय से इस में सामाजिक संरचनाओं, समूह गतिशीलता, संस्कृतिक परिवर्तन तथा व्यक्तियों और संस्थाओं के परस्पर संबंधों की विस्तृत पड़ताल की। प्रत्येक अध्य में तर्कसंगत व्याख्याएँ और विश्वव्यी संदर्भक को बदलती दुनिया के सामाजिक ताने-बाने को स्पष्ट से देखने में मदद करते हैं। Whether you are a student aiming to deepen your theoretical समझ, एक शोधकर्ता जो जटिल सामाजिक प्रश्नों के उत्तर खोज रहा हो, या सामाजिक में रुचि रखने वाला कोई भी पाठक—यह र आपको समाज केक्ष्मतम स्तर से ले कर व्यापक संरचनाओं तक की यात्रा कराएगी।
समग्र वस्तुनिष्ठ समाजशास्त्र एक ऐसा द्योतक-पुस्तक है जो समाजशास्त्रीय सिद्धांतों को ठोस प्रमाणों और वस्तुनिष्ठ विश्लेषण से जोड़कर आधुनिक समाज की जटिलताओं पर नई रोशनी डालता।ॉ. मोहिंदर कुमार सलारिया ने इसमें सामाजिक संराओं मूल्य-प्रालियों और मानव व्यवहार के अंतःसंबंधों को गहन अध्ययनों, केस स्टडीज और सांख्यिकीय दृष्टिकोण के से प्रस्तुत किया है। ग्रामीण-शहरी परिवर्तन, ग्लोबलाइजेशन, लिंग और जाति जैसे सामाजित विभाजनों से लेकर डिजिटल युग कीौतियों तक, हर अध्याय संदर्भ और उदाहरणों के साथ विषय को जीवंत बनाता। सिद्धांत और अनुसंधानियों का संतुलनक को आलोचनात्मक सोच और प्राथमिक डेटा संग्रह के यथार्थ अनुभव से परिचित कराता है। यह पुस्तक केवल शैक्षणिक गुणों में समृद्ध है, बल्कि समाजशास्त्र के विद्यार्थी, अध्यापक और शोधकर्ता—सबके लिए व्यवहारिक मार्गदर्शक भी है, जो सामाजिक यथार्थ को समझने और बदल की दिशा में ठोस आधारशिला साबित होती है।
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सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण और रचना – Lucent’s
Original price was: Rs.216.00.Rs.190.00Current price is: Rs.190.00.Buy Nowपेश है एक ऐसा मार्गदर्शक जिसे पाकर हिंदी व्याकरण की जटिलता भी सरस लगेगी और रचना में आत्मविश्वास बढ़ेगा। Lucent’s “सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण एवं रचना” में व्याकरण के मूल सिद्धांतों से लेकर वाक्य निर्माण, अलंकार-शैली, निबंध, पत्र, कहानी-सृजन तक सभी विषयों को संक्षिप्त, स्पष्ट और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है। महत्वपूर्ण नियमों, यादगार टिप्स और अभ्यास प्रश्नों द्वारा आपकी समझ गहरी होती है और गलतियाँ स्वतः सुधरती चलती हैं। रंगीन चार्ट्स, सारणियाँ और नियमित परीक्षणों से ये पुस्तक न सिर्फ परीक्षा-तैयारी को सहज बनाती है, बल्कि लेखन-कौशल को एक नए आयाम तक पहुंचाती है। हिंदी भाषा की शक्ति को पूर्ण रूप से आत्मसात करने का स्वप्न अब आसानी से साकार हो सकता है।
सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण और रचना – Lucent’s
इस ग्रन्थ में समाहित है हिंदी भाषा की सम्पूर्ण विवेचना, जहाँ व्याकरण के प्रत्येक नियम को सहज व स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया गया है। कठिन अवधारणाएँ भी सरल उदाहरणों के माध्यम से बुनकर समझाई गई हैं, जिससे पाठकों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
प्रत्येक अध्याय में भरपूर अभ्यास प्रश्न, विविध रचनात्मक उदाहरण और मॉडल उत्तरों का संग्रह है, जो औपचारिक परीक्षा से लेकर शैक्षिक लेखन तक में सहजता प्रदान करता है। विशिष्ट परीक्षा पैटर्न के अनुरूप क्वेश्चन बैंक्स और संक्षिप्त सारांश तेज पुनरावलोकन को संभव बनाते हैं।
चाहे आप छात्र हों, शिक्षक हों या भाषा प्रेमी, इसकी व्यवस्थित कलर-कोडेड लेआउट और कॉम्पैक्ट नोट्स आपको हिंदी के गहन ज्ञान से जोड़ते हुए लेखन एवं व्याख्या कौशल में सुधार लाएंगे। इस पुस्तक के साथ हर व्याकरणिक जटिलता होगी आसान और हर रचनात्मक प्रयास प्रामाणिक।
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संस्कृत दीपशिखा प्रशनोतरी – डॉ विवेक शर्मा
Original price was: Rs.1,250.00.Rs.875.00Current price is: Rs.875.00.Buy Nowइस उत्कृष्ट प्रश्न-उत्तर पुस्तिका के साथ संस्कृत की प्रकाशमय दुनिया में कदम रखें, जो इस शाश्वत भाषा के हर पहलू को रोशन करती है।
डॉ. विवेक शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में, आपको व्याकरण, गद्य, पद्य और दार्शनिक चर्चाओं से संबंधित सावधानीपूर्वक चयनित प्रश्न मिलेंगे
विषय
• प्रश्न-उत्तर प्रारूप के माध्यम से संस्कृत भाषाविज्ञान
• व्याकरणिक अवधारणाओं और शास्त्रीय साहित्य का ज्ञानवर्धन
• वैदिक शास्त्रीय साहित्य का प्रगतिशील, शिक्षार्थी-केंद्रित अन्वेषण। शामिल विषय
• यकरण विभक्तियाँ, क्रियापद, काल, वाच्य
• संधि (मधुर संयोजन) और समास (यौगिक रचना)
• संज्ञा-क्रिया समझौता, सर्वनाम, कण, अविभक्ति
• कृदंत, जर्म, क्रियापद, भाव
• धातु (मूल शब्द), प्रत्यय (प्रत्यय), प्रक्रिया
• चयनित अंशों पर अनुवाद बोध अभ्यास
—प्रत्येक प्रश्न के बाद स्पष्ट और गहन व्याख्याएँ दी गई हैं जो अनिश्चितता को समझ में बदल देती हैं।
संधि विभक्ति के मूलभूत अभ्यासों से लेकर शास्त्रीय छंदों के विचारोत्तेजक विश्लेषणों तक, प्रत्येक खंड आत्मविश्वास बढ़ाता है और समझ को गहरा करता है। ह पुस्तिका आपको संस्कृत की समृद्ध साहित्यिक विरासत से सीधे जुड़ने का अवसर देती है, साथ ही संक्षिप्त टिप्पणियाँ और आदर्श उत्तर प्रत्येक अंश में छिपे अर्थों की परतों को उजागर करते हैं। चाहे आप संस्कृत अध्ययन में अपनी शुरुआत कर रहे हों या उन्नत व्याख्यात्मक कौशल को निखारना चाहते हों, यह संकलन जिज्ञासा जगाता है, लगन को पुरस्कृत करता है और उस भाषा में सच्ची महारत हासिल करने का मार्ग प्रशस्त करता है जिसने सदियों को आकार दिया है।
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संस्कृत वांड्.मय ( यू.जी.सी.नेट,स्लेट,लेक्चरशिप,संस्कृत अध्यापक व प्राध्यापक परीक्षा हेतु ) – H.G. Publications
Original price was: Rs.370.00.Rs.315.00Current price is: Rs.315.00.Buy Nowसंस्कृत वाङ्मय के इस संग्रह में समाहित हैं:
• पाठ्यक्रम अनुरूप व्यवस्थित प्रकरण
–एतिहासिक विकास साहित्यिक धारा, अलंकार-शास्त्र, काव्य-शास्त्र से लेकर नाट्य-शास्त्र तक
• नवीनतम परीक्षा संरचना का विश्लेषण
– UGC-NET, SLET एवं लेक्चरशिप के लिए अनुकूलित पाठ एवं प्रश्न क्रम
• संक्षिप्त समीक्षा व महत्वपूर्ण सूत्र
– यादगार तालिकाएँ, चार्ट और प्रेरक उद्धरण
• पिछले वर्षों के प्रश्नों का व्यवस्थित विभाजन
– विस्तृत समाधान और प्रश्नोत्तरी से आत्ममूल्यांकन की सुविधा
• समय प्रबंधन और परीक्षा रणनीति
– विषय अंतराल, गति-वृद्धि युक्तियाँ एवं परीक्षा हॉल के गुर
हर अध्याय के अंत में अभ्यास प्रश्न आपके आत्मविश्वास को उभारने के लिए तैयार; अनुभवी शिक्षकों द्वारा संकलित संदर्भ सामग्री से आपका तैयारी का स्वरूप और भी प्रबुद्ध बनेगा।
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संस्कृत शास्त्र – मञ्जूषा ( संस्कृत की सभी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उपयोगी ) – डॉ उदयशंकर झा
Original price was: Rs.460.00.Rs.390.00Current price is: Rs.390.00.Buy Nowसंस्कृत शास्त्र–मूञ्जषा डॉ उदयशंकर झा की यह संकलित रचना सभी उन प्रतियोग परीक्षाओ के लिए एक अनिवार्य साथी सिद्ध होती है, संस्कृत जहाँ विद्या का सटीक ज्ञान और आत्मविश्वास दोनों चाहिए। व्यव•स्थित अध्याय–प्रस्तुति: वर्णमाला सेाक व्यरण, शब्द-चनार से साहित्य- तक—हर विषय के सार को संक्षिप व्त रूप स्पष्ट में समझाता है।
• प्रवाहमय उदाहरण व अभ्यास: प्रत्येक सिद्धांत के पश्चात त्वरित परीक्षणृथ-पियांक, ताकि पै परीक्षाटर्न की जटिलताओं से निपटना सहज हो जाए।
• चयनित अंश व प्रश्न–उत्तर: पिछले वर्षों के परीक्षा प्रश्नों का विश्लेषण और संभावित प्रश्नों के संग्रह के साथ उत्तर कीों विवेचना।
• स्मरण-चिन्ह विधियाँ: कठिन नियमों व सूत्रों को याद रखने के लिए संक्षिप्त टिक-नोट्स व माइंड-मैप्स।
• भाषा का सजीवुट सम्प: शास्त्रीय ग्रंथों से उद्धृत मौलिक श्लोक उनकी और प्रासंगिक, जो पाठ को रोचक गहन बनाती हैं।
संस्कृत की बारीकियों को आत्मस करनेात के लिए संस्कृत शास्त्र–मञ्जूषा’-स सहज सुलभ सम्पूर्ण पाठ्य-संसाधन है, जिसे पढ़कर हर परीक्षार्थी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।
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संस्कृत साहित्य मंजूषा (डॉ दिनेश भारद्वाज ) – नवम संस्करण
Original price was: Rs.550.00.Rs.495.00Current price is: Rs.495.00.Buy Nowशास्त्री टेट परीक्षा ,शास्त्री भर्ती परीक्षा ,संस्कृत प्राध्यापक भर्ती परीक्षा ,अन्य संस्कृत भर्ती परीक्षा के लिए उपयोगी पुस्तक
• ऐतिहासिक विकास: वैदिक साहित्य से आधुनिक संस्कृत रचनाओं तक • प्रमुख ग्रंथ और युग: Ṛgveda, सामवेद, उपनिषद्, महाकाव्य (रामायण, महाभारत), पुराण • काव्य शास्त्र एवं अलंकार साहित्य: रस, अलंकार, ध्वनि सिद्धांत • नाट्य और नाट्यशास्त्र: भरतमुनि का ‘नाट्यशास्त्र’, प्राचीन नाटक • छंद और मीटर: छंदशास्त्र, मेट्रिकल संरचनाएँ • व्याकरण और भाषाशास्त्र: पाणिनि का ‘अष्टाध्यायी’, शाकरण • दार्शनिक ग्रंथ: सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा, वेदान्त • भक्ति और धार्मिक काव्य: भक्तिकालीन रचनाएँ, स्तोत्र, महाप्रभु सूरदास, तुलसीदास इत्यादि • साहित्यिक आलोचना और समीक्षा: समालोचनात्मक दृष्टिकोण, ग्रंथ परिचय • संस्कृत–हिंदी अनुवाद और व्याख्या: संकलन एवं हिंदी टिप्पणी
संस्कृत साहित्य मंजूषा में डॉ. दिनेश भरद्वाज ने वह समग्र दृश्य पेश किया है जो हमें वेदों के मंत्र-छंद से लेकर महाकाव्यों, काव्यों और नाटकों के अलौकिक सौंदर्य तक ले जाता है। प्रत्येक अध्याय में गूढ़ तत्त्वों को सहज भाषा में उजागर करते हुए, लेखक ने पाठक को भाव, रस और धारणाओं के संसार में प्रवास कराया है। ऐतिहासिक संदर्भों और भाषा-शास्त्रीय विवरणों का परिष्कृत मिश्रण इस ग्रंथ को न केवल छात्र-शोधार्थियों के लिए, बल्कि संस्कृत के सौंदर्य-सार से रु-ब-रु होने के इच्छुक सामान्य पाठकों के लिए भी एक अमूल्य निधि बनाता है। संस्कृत साहित्य की अमिट छाप, शिल्प-कौशल और दार्शनिक गहराइयों को जानने का यह अनूठा अवसर है।
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संस्कृतप्रतिस्पर्धाप्रकाश ( संशोधित एवं परिवर्धित तृतीय संस्करण ) – दीपक कुमार ,संजय दत्त भट्ट
Original price was: Rs.850.00.Rs.720.00Current price is: Rs.720.00.Buy Nowइस तृतीय संस्करण में आपको मिलेगा अद्यतन पाठ्यक्रमानुसार व्यवस्थित सामग्री का समृद्ध भण्डार – संस्कृत व्याकरण बारीकियाँ, वाक्यरचना और अनुप्रयोग-सिद्धांतों की स्पष्ट व्याख्या; प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं से सटीक अनुरूपता हेतु पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों का विश्लेषण व उत्तर–सूत्र; विविध स्तर के अभ्यास प्रश्नों की अद्यतन सूची, हर सवाल के साथ विस्तृत समाधान; समास, विभक्ति, धातु रूप और साहित्यिक पठन-खंडों पर सूक्ष्म टिप्पणियाँ। दीपक कुमार की यह संशोधित एवं परिवर्धित तृतीय संस्करण आपके ज्ञान को मजबूत आधार दे, परीक्षा दबाव कम करे और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रखे – हर अध्याय में स्पष्टता, गहन अभ्यास तथा रणनीतिक मार्गदर्शन का बेजोड़ संयोजन।
• संस्कृत व्याकरण (संधि, विभक्ति, कारक, प्रत्यय, शब्दरूप)
• धातुपाठ एवं धातु रूपान्तरण
• समास-विच्छेद और अव्यय
• लकार, काल और वाच्य
• छन्द, अलंकार और
• पाठ्यांश अनुवाद एवं व्याख्या
• प्राचीन संस्कृत साहित्य (महाकाव्य, नाट्य, उपनिषद्, पुराण)
• दर्शनशास्त्र एवं धर्मशास्त्र (न्याय, वेदांत, सांख्य, योग)
• प्रतियोग परीक्षाी हेतु प्रश्नत्तोरी एवं मॉडल पेपर
• संशोधित एवं परिवर्धित अभ्यास सामग्री

















