Description
Book:हिमचल प्रदेश सामान्य ज्ञान
Publisher: Suresh Jokta & Vikash kumar
pages:460
Edition:4th
Rs.380.00 Original price was: Rs.380.00.Rs.330.00Current price is: Rs.330.00.
एच.पी .ए.एस,जेबीटी,पुलिस,हिमाचल प्रदेश की सभी प्रतियोगी परीक्षाओ के अधयन लिए पुस्तक
• भूगोल एवं स्थलाकृति • एवं ऐतिहासिक विकास • प्रशासन एवं राजनीतिक संरचना • अर्थव्यवस्था एवं प्रमुख उद्योग • जनसांख्यिकी एवं सामाजिक विविधता • संस्कृति, कला एवं लोक परंपराएँ • पर्यटन स्थल एवं प्राकृतिक सौंदर्य • जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण • शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाएँ • विकास योजनाएँ एवं प्रशासनिकोजन परियाएँ • प्रमुख व्यक्तित्व एवं नायक–नायिकाएँ
हिमाचल की बेशुमार वादियाँ, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को एक ही सूत्र में पिरोते हुए यह संकलन हर प्रतियोगी परीक्षार्थी और ज्ञान प्रेमी के लिए अनमोल खाना है। कठोर परिश्रम को आसान बनाने के लिए विविध विषयों—भूगोल, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, प्रशासनिक संरचना—पर सटीक तथ्यों और त्वरित-समझ वाले सारांशों का स्मार्ट मिश्रण पेश किया गया है। आत्म-मूल्यांकन के लिए अभ्यास प्रश्नों और त्वरित याददाश्त टिप्स ने इसे तैयारी का विश्वासपूर्ण साथी बना दिया है। हिमाचल की विशिष्टता को समेटे इस परिचय में हर वह जानकारी है, जो राज्य की गहराई से समझ और परीक्षा में सफलता दोनों ही सुनिश्चित करे।
Book:हिमचल प्रदेश सामान्य ज्ञान
Publisher: Suresh Jokta & Vikash kumar
pages:460
Edition:4th
One Liner Approach Samanya Gyan: A Dictionary of Facts, published by Kiran Prakashan, is a comprehensive book on General Knowledge in Hindi language. The book conforms to the latest NCERT syllabus
NCERT नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार यह संकलन इतिहास की प्रमुख तिथ से लेकर विज्ञान के सूत्रों,गोल, अर्थव्यवस्था व संस्कृति महत्वपूर्ण तथ्यों कोदार एक-लाइनर फॉर्मेट में पेश करता है। त्वरित रिवीजन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक स्मार्ट साथी—हर तथ्य को याद रखना हुआ आसान।
• भाषा विकास: अपभ्रंश से ब्रज-अवधी और खड़ीबोली तक • प्राचीन साहित्य: वैदिक, ब्राह्मण, लोक-परंपराएँ • भक्तिकालीन काव्य: निर्गुण-सगुण आंदोलन, संतपरम्परा • रीतिकालीन काव्य: काव्यशास्त्र, रसाश्रयित शैली • सूफ़ी और आध्यात्मिक साहित्य • छायावाद: भावभीनी कविता • राष्ट्रवादी साहित्य: स्वतंत्रता संग्राम का प्रभाव • आधुनिकता: नई कविता, नई कहानी, निबन्ध, आलोचना • उपन्यास और नाटक • सामाजिक-सांस्कृतिक-राजनीतिक परिवेश का चित्रण
आचार्य रामचंद्र शुक्ल की ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ उस विराटस्कृतिक यात्रा का प्रामाण दस्तावेज़ जिसने सदियों में भाषा, शैली और चेतना के नए आयाम खोल दिए। यहां प्राचीन काव्य–दंतकथाओं से लेकर मध्यकालीन भक्ति–बिम्बों, रीतिकालीन अलंकारों और आधुनिक विचारों की धारा तक, हर युग का सजीव आभास मिलता है। नमदेव–कबीर की उद्घाटित सादगी, तुलसीदास–सूरदास की मीठी मौलिकता, बिहारी–रहीम की शिल्पबद्ध काव्यकला और प्रेमचंद–महादेवी वर्मा के भीतर छुपी मानवता—इन सबकी चर्चा में आचार्य शुक्ल ने सामाजिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भों को बुनकर एक समग्र दृष्टि प्रस्तुत की है। हर अध्याय एक नए परिदृश्य में पाठक को ले जाता, जहां भाषा के विकास के साथ-साथ समाज की बदलती तस्वीर भी उभरकर सामने आती है। आलोचनात्मक दृष्टि, सूक्ष्म विश्लेषण और सरल शैली का संगम इसे न केवल विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य पाठ्यपुस्तक बनाता है, बल्कि उन सभी के लिए भी एक अमूल्य मार्गदर्शिका है जो हिन्दी साहित्य के गौरव और उसकी आत्मा को महसूस करना चाहते हैं।
Entrance Series
बर्फ़ की चादर ओढ़े हिमालय की गोद में बिखरे अद्भुत गाँवों की गाथाएँ, देव के काँटेदार जंगलों में गूँजती लोककथाएँ और हिमाचली तालाबों में प्रतिबिंबित आसमान—‘अलौकिक हिमाचल प्रदेश: The Wonderland Himachal Pradesh Volume-2’ आपको उस रहस्यमय दुनिया में ले जाता है जहाँ हर घाटी अपनी कहानी सुनाती है। यहाँ की चाय बगान की ताज़गी से लेकर कठोर पर्वतीय दरारों में उभरते साहसिक ट्रेल्स तक, हर पन्ना जीवन के नए अनुभवों से भरपूर है। बसंत के रंगों से लिपटी घाटियाँ, अनछुए शिवालय और वादियों में गुम होती प्राचीन धरोहरें—सबके बीच झरने मंद-मंद स्वर में गीत गाते प्रतीत होते हैं। कथा, कविता और इतिहास की कोमल लय में रची यह पुस्तक हिमाचल की आत्मा की राह तलाशती है, जहाँ प्रकृति और संस्कृति का मिलन आपको चकित कर देगा।
– Mystical and supernatural landscapes of Himachal Pradesh – Himalayan ecology and biodiversity – Local folklore, legends, and supernatural tales – Spiritual traditions, pilgrimage routes, and sacred sites – Cultural heritage, tribal customs, and traditional lifestyles – Adventure tourism, trekking trails, and mountaineering – Eco-tourism, conservation, and sustainable development – Scenic beauty: valleys, rivers, glaciers, and mountain vistas – Festivals, handicrafts, and regional cuisine

Reviews
There are no reviews yet.