hindi sahitya
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काव्यशास्त्र ( काव्य के स्वरूप ,तत्व ,सिद्धांतों और समस्याओ का प्रमाणिक विवेचन)
Original price was: Rs.200.00.Rs.180.00Current price is: Rs.180.00.Buy Nowकाव्यशास्त्र की इस समग्र रचना में प्राचीन से समकालीन तक हर युग के काव्य रूपों का सजीव प्रतिबिंब मिलता है। काव्य के स्वरूप, तत्व, सिद्धांत एवं उसकी अंतर्निहित समस्याओं का प्रमाणिक विवेचन सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे विद्यार्थी, शोधकर्ता और साहित्यप्रेमी सबको गहन अनुशीलन का अवसर मिलता है।
पुस्तक में:
• श्लोक-दृष्टांतों के माध्यम से सिद्धांतों की स्पष्टता
• भाष्य-संवादों में विद्वत्पूर्ण टिप्पणियाँ
• काव्य-रचनाओं की संरचना एवं सौंदर्य का विश्लेषण
• आलोचना की ऐतिहासिक प्रवृत्तियों पर समग्र दृष्टि
पुस्तक इस के प्रत्येक अध्याय में विचारों की सुसंगत धारा और आकर्षक उदाहरणों का संगम है, जो पाठक को काव्यशास्त्र के रहस्यों में खो जाने और उसके सौंदर्य को आत्मसात् करने को आमंत्रित करता है।
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पाश्चात्य काव्यशास्त्र ( इतिहास,सिधान्त और वाद )- डॉ भगीरथ मिश्र
Original price was: Rs.220.00.Rs.190.00Current price is: Rs.190.00.Buy Now• ऐतिहासिक विकास
– प्राच्य ग्रीक काव्यशास्त्र (प्लेटो, अरस्तू) – रोमन काव्यशास्त्र (होरस, कॅलिडियन)
– मध्ययुगीन और पुनर्जागरण काल
– नियोक्लासिसिज्म, रोमांटिसिज्म, विक्टोरियन युग
– औपनिवेशिक, आधुनिक और बाद के चलन
• प्रमुख सिद्धान्त
– मिमेसिस (अनुकरणवाद)
– कैथार्सिस, यूनिटी ऑफ़ ऐक्शन
– स्यूब्लिम, ब्यूटी, कण्ट्रास्ट
– फॉर्म और कंटेंट का संबंध
– भाषा-विज्ञान, संरचनात्मक विश्लेषण
• प्रमुख वाद-विवाद
– सार्वभौम सिद्धान्त बनाम सांस्कृतिक सापेक्षतावाद
– पाठ के भीतर बनाम पाठ के बाहर का सन्दर्भ
– कला की स्वायत्तता बनाम समाज-राजनीति का प्रतिबिंब
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वस्तुनिष्ठ (हिंदी भाषा व साहित्य ) H.G’s
Original price was: Rs.350.00.Rs.290.00Current price is: Rs.290.00.Buy Now“वस्तुनिष्ठ: हिंदी भाषा व साहित्य” पाठकों को भाषा की साधारण सतह से उठाकर गहन विवेचना के उस मंच पर ले जाता है, जहाँ व्याकरण, अलंकार, रस व छंद आत्मीय संवाद की भाँति समावेशी हैं। अध्यायों में संतुलित रूप से प्रस्तुत सिद्धांत और उदाहरण, चाहे सरल बोलचाल की भाषा हो या सूरदास-तुलसीदास जैसे महाकवियों का काव्य, हर कठिन अवधारणा को सहज बनाकर समझने योग्य कर देते हैं। इस पुस्तक की खास बात है प्राचीन से समकालीन तक फैलती साहित्यिक यात्रा—रामायण व महाभारत से लेकर आधुनिक कहानियों, कविताओं व आलोचनात्मक रचनाओं तक। विविध प्रश्नोत्तर, संक्षिप्त टिप्पणियाँ और रचना–पुनर्लेखन के अभ्यास, शोधपरक दृष्टिकोण के साथ मिलकर विद्यार्थी, अध्यापक व सामान्य साहित्यप्रिय सभी के लिए मूल्यवान साधन बनाते हैं। ‘वस्तुनिष्ठ’ में भाषा के व्यावहारिक उपयोग, परीक्षा–भावना और रचनात्मक लेखन की दिशाएँ एक साथ मिलती हैं। कहीं परिभाषा का प्रकाश उधेड़ने लगता है, तो कहीं समीक्षा के तर्क गहराई से रूबरू कराते हैं। परिणामस्वरूप एक ऐसा सहयोगी ग्रंथ तैयार होता है, जो हिंदी के प्रेमी को भाषा के कोष एवं सौंदर्य के बीच आत्मविश्वास से क़दम रखे जाने का अनुभव कराता है।
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वस्तुनिष्ठ हिंदी – पुनीत कुमार राय
Original price was: Rs.330.00.Rs.280.00Current price is: Rs.280.00.Buy Now“वस्तुनिष्ठ हिंदी” • सटीक और संक्षिप्त सिद्धांत: आधारभूत व्याकरण से लेकर मुहावरों ,पर्यावाची–विपर्यायचिह्न, शब्दों के कोष तक हर विषय वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत। • विविध प्रश्नों का खज़ाना: पिछली महत्वपूर्ण परीक्षाओं के अति-प्रचलित प्रश्न, नए पैटर्न के मॉडल टेस्ट एवं अनुभागगत अभ्यास सेट। • विस्तृत समाधान एवं टिप्स: हर उत्तर की गहराई से व्याख्या, चुटकियों से याद रहने वाले नियम और परीक्षा-क्षेत्र में उपयोगी रणनीतियाँ। • समयबद्ध प्रैक्टिस: क्रमबद्ध अध्ययन-योजना के साथ प्रगति ट्रैकर, जिससे आपकी तैयारी सातत्य और आत्मविश्वास को झंकृत करे। इस पुस्तक की सहायता से हिंदी की वस्तुनिष्ठ क्षमता न केवल सुदृढ़ होती है, बल्कि परीक्षा के प्रत्येक चरण पर दक्षता भी निखर आती है।
• व्याकरणात्मक संरचना एवं नियम
• शब्दावली विकास एवं प्रयोग
• वाक्य रचना एवं पदबंध
• अनुवाद कौशल एवं भाषा रूपांतरण
• वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी एवं मूल्यांकन
• पाठ्यक्रम-आधारित शिक्षण पद्धति
• भाषा मानकीकरण एवं शैलीगत विविधता
• औपचारिक एवं तकनीकी हिंदी
• पठन–लेखन एवं शब्दार्थ कौशल
• भाषा नीति एवं नियोजन
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सामान्य हिंदी ( व्याकरण ,वस्तुनिष्ठ साहित्य एवं साहित्यशास्त्र )- डॉ.रमेश कुमार रोहिल्ला
Original price was: Rs.224.00.Rs.190.00Current price is: Rs.190.00.Buy Nowसामान्य की इस समग्र मार्गदर्शिका में व्याकरण बुनियाद से वस्तुनिष्ठ साहित्य और साहित्यशास्त के मौलिक सिद्धांतों तक, सभी पहलुओं को सटीक और स्पष्ट तरीके से समझाया गया है। • व्याकरण खंड में संज्ञा, सर्वनाम, कारक, काल, समास, अव्यय जैसे विषयों का संक्षिप्त सारांश और व्यावहारिक उदाहरण • वस्तुनिष्ठ साहित्य खंड में प्रमुख काव्य–गद्य विधाओं, महत्त्वपूर्ण रचनाकारों व उनके कालखंडों से संबंधी प्रश्नोत्तरी • साहित्यशास्त्र खंड में रस, अलंकार, धारा, शैली सहित आधुनिक सिद्धांतों की परिचर्चा और व्यावहारिक परिप्रेक्ष्य • प्रत्येक अनुभाग के अंत में विस्तारपूर्वक उत्तर–मालिका, आत्म–जांच के लिए अभ्यास प्रश्न एवं त्वरित समीक्षा सारणी • परीक्षाओं की दृष्टि से तैयार किए गए अति-आवश्यक सूत्र, संक्षिप्त परिचय–लेखन के नमूने और कॉन्सेप्ट मैप्स व्यापक उदाहरणों व स्पष्ट व्याख्याओं के साथ यह पुस्तक हिंदी की गहन समझ, तेज उत्तरलेखन की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने का सर्वोत्कृष्ट साधन है।
• Hindi व्याकरण: वर्ण-व्यवस्था, sandhi, samās, vibhakti, kārvācak, upasarg-pratyay • Rachnā-शास्त्र: śabd-रचना, vakya-विन्यास, punctuation • वस्तुनिष्ठ साहित्य: बहुविकल्पी प्रश्न, प्रमुख लेखकों एवं कृतियों का factual ज्ञान • साहित्यशास्त्र: rasa, dhvani, alaṅkār, rīti, vakrokti, aucitya • हिंदी साहित्य इतिहास: कालखंड (अदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल) • साहित्यिक रूप: कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध, गीत, ग़ज़ल • शब्दावली एवं lokoktiyan • लेखन कौशल: निबंध, पत्र, रिज़्यूमे, précis लिखना !
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हिंदी का गद्य – साहित्य (अद्यतन संशोधन एवं परिवर्धित संस्करण )- डॉ रामचंद्र तिवारी
Original price was: Rs.1,200.00.Rs.1,020.00Current price is: Rs.1,020.00.Buy Nowगद्य-संस्कृति की संपन्नता से परिचित कराता यह अद्यतन संशोधन एवं परिवर्धित संस्करण हिन्दी साहित्य में गद्य की विविध परंपराओं, आधुनिक प्रवृत्तियों और आलोचनात्मक विमर्श का समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। कथा, निबंध, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत और समालोचना—प्रत्येक विधा की चुनिंदा रचनाएँ पाठकों को व्यापक पटल पर नए अर्थ-आयाम खोजने का अवसर देती हैं।
डॉ. रामचंद्र तिवारी के सूक्ष्म अनुसन्धान, समसामयिक संदर्भों का संयोजन और विस्तृत परिचय–टीकाएँ इस ग्रन्थ को शिक्षण, शोध तथा स्वाध्याय के लिए अनिवार्य बनाती हैं। समृद्ध उद्धरण-संग्रह, विषयानुसार सविस्तार अनुक्रमणिका और तुलनात्मक टिप्पणियाँ पारंपरिक ज्ञान को नवाचार से जोड़कर गद्य-प्रेमियों को आत्मसात करने योग्य निष्कर्ष प्रदान करती हैं।
हर अध्याय के बाद अतिरिक्त प्रश्नावली व संदर्भ-सूची पाठक को गद्य-साहित्य की गहन पड़ताल के लिए प्रेरित करती है, जबकि शेष-प्रसंगों पर उठते प्रश्न शोधार्थियों को नए मार्ग दिखलाते हैं। हिन्दी गद्य के विस्तार, विकास और संभावनाओं के यह परिपूर्ण दस्तावेज़ आपकी साहित्यिक यात्रा में अनुशेष चिन्ह बन जाएगा।
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हिंदी साहित्य -एन.टी.ए. /यू.जी.सी. नेट / जे.आर.एफ.(प्रशनपत्र – ll) 5वां संस्करण -दृष्टि
Original price was: Rs.799.00.Rs.700.00Current price is: Rs.700.00.Buy Nowआधुनिक परीक्षा परिचय को ध्यान में रखकर तैयार यह पाँचवा संस्करण आपको हिंदी साहित्य के समग्र आयामों में सशक्त मार्गदर्शन प्रदान करता है। प्राचीन और मध्यकालीन साहित्य से लेकर आधुनिक आंदोलनों, प्रमुख रचनाकारों एवं उनके साहित्यिक संदर्भों तक—हर विषय विस्तारपूर्वक, संक्षिप्त तालिकाओं व दृष्टांतों के साथ प्रस्तुत है। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण, विषयवार मूल प्रश्न–उत्तर तथा आत्ममूल्यांकन खण्ड आपकी तैयारियों को नई दिशा देंगे। स्पष्ट व्याख्याएँ, मनोवैज्ञानिक रूप से रची गई स्वयं–परीक्षण पेनल और तत्काल उपयोगी मापदण्ड इस पुस्तक को NET/JRF (प्रश्नपत्र II) के लिए अनिवार्य साथी बनाते हैं। एक ऐसे मार्गदर्शक की तरह, जो कठिन प्रश्नों के पर्दे खोलकर आपको भरोसे के साथ अट्टहास से प्रश्नावली में उतरने का आत्मविश्वास देता है।
विकासवादी हिंदी साहित्य: आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक समस एवंामयिक काल • प्रमुख साहित्यिक आंदोलन: छायावाद, द्विवेदी युग, प्रयोगवाद, नई कविता, नई कहानी, दलित एवं नारीवादी साहित्य
• काव्यशास्त्र एवं रीतिशास्त्र: अलंकार, रस, ध्वनि, छंद
• साहित्यमार्गदर्शन एवं आलोचना: साहित्यिक सिद्धांत (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष), आलोचनात्मक दृष्टिकोण
• विविध साहित्यिक विधाएँ: कविता, उपन्यास, कहानी, नाटक, निबंध, आत्मकथा
• प्रमुख लेखक और रचनाएँ: कबीर, तुलसीदास, रहीम, प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद नाग,ार्जुन इत्यादि
• आधुनिक एवं समकालीन प्रवृत्तियाँ: सामाजिक-सांस्कृतिक विमर्श, आधुनिकता की चुनौतियाँ
• हिंदी भाषा एवं व्याकरण: संरचना, रूप-विचार, भाषा विकास
• शोध-पद्धति एवं परीक्षा-उन्मुख अभ्यास: प्रश्नपत्तर विश्लेषण, पिछले वर्षों के प्रश्न एवं समाधान
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हिंदी साहित्य का इतिहास – डॉ. नगेन्द्र
Original price was: Rs.450.00.Rs.400.00Current price is: Rs.400.00.Buy Nowप्राचीन आख्यानों से आधुनिक कविता-युग तक, हिंदी साहित्य का इतिहास एक रंग-बिरंगी यात्रा है जहाँ शब्दों ने समाज के हर आईने को संजोया है। इस पुस्तक में आपको मिलेगी तुलसीदास के “रामचरितमानस” की आत्मीयता, सूरदास की भावपूर्ण भक्ति, मेघदूत की व्याकुलता, प्रेमचंद की जीवंत कहानियों का मानवीय चित्रण और फैज़ के शेरों में समाई क्रांति की अनुभूति। हर युग के सामाजिक-राजनीतिक बदलते परिदृश्य में साहित्य ने कैसे अपनी धार खोली, भावों को कैसे नई परिभाषाएँ दीं और पाठकों के दिलों को छुआ, इस ग्रंथ में सजीव अन्दाज़ से उकेरा गया है। विस्तृत विश्लेषण, समृद्ध संदर्भ और मनोरम उद्धरण इस पुस्तक को उन सभी पाठकों के लिए अनिवार्य बनाते हैं जो हिंदी साहित्य की प्रगाढ़ता, विविधता और सृजनात्मक ऊर्जा को करीब से जानना चाहते हैं।










